हमारा मिशन
श्री ग्रामीण विकास चैरिटेबल ट्रस्ट का मिशन समाज के हर उस परिवार तक सम्मान, सहयोग और सहारा पहुँचाना है जो आर्थिक, सामाजिक या मानसिक रूप से स्वयं को असहाय महसूस करता है। हमारा उद्देश्य केवल सहायता देना नहीं, बल्कि जरूरतमंदों को आत्मनिर्भर और सशक्त बनाना है।
हम बिना किसी जाति, धर्म, वर्ग या भाषा के भेदभाव के बेटियों और बेटों की निःशुल्क एवं कर्ज़मुक्त सामूहिक शादियाँ सम्पन्न कराते हैं, ताकि आर्थिक कमजोरी किसी के जीवन के सबसे महत्वपूर्ण संस्कार में बाधा न बने।
शिक्षा, स्वास्थ्य, महिला सशक्तिकरण एवं ग्रामीण विकास हमारे मिशन के मुख्य स्तंभ हैं। हम मानते हैं कि शिक्षित परिवार, स्वस्थ समाज और सशक्त महिलाएँ ही किसी भी राष्ट्र की असली ताकत होती हैं।
“बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ” हमारे लिए केवल एक नारा नहीं, बल्कि एक जीवन दर्शन है। हम हर बेटी के लिए सुरक्षित, सम्मानजनक और आत्मनिर्भर भविष्य सुनिश्चित करने के लिए निरंतर प्रयासरत हैं।
हमारा विश्वास है कि जब समाज एक-दूसरे का हाथ थामकर आगे बढ़ता है, तभी सच्चा सामाजिक परिवर्तन और मजबूत राष्ट्र निर्माण संभव होता है।
मानवता
प्रत्येक सेवा कार्य का आधार करुणा, संवेदना और मानव मूल्यों पर आधारित है।
सर्वधर्म समभाव
हम सभी धर्मों, वर्गों और समुदायों को समान दृष्टि से सम्मान देते हैं।
आत्मनिर्भरता
सहायता के साथ-साथ आत्मनिर्भर बनने की दिशा में मार्गदर्शन।
पारदर्शिता
प्रत्येक कार्य में ईमानदारी, विश्वास और स्पष्टता।